दरिंदगी ने छीना मासूम का बचपन, हालात ने उजाड़ा आशियाना
आइए, पांवटा साहिब की बेटी का घर बनाने में सहयोग करें—‘ज़िंदगी रिटर्न्स’ ने उठाया नया घर बसाने का बीड़ा
नाहन/पांवटा साहिब।
पांवटा साहिब में 10 साल की मासूम के साथ हुई कथित दुष्कर्म की घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। इसी बीच परिवार के सामने एक और बड़ी परेशानी है—सिर पर सुरक्षित छत का न होना।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही परिवार का झोपड़ीनुमा घर जमींदोज हो गया था। परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और बच्ची के पिता दिव्यांग बताए जा रहे हैं।
परिवार की इस स्थिति को देखते हुए सामाजिक संस्था ‘ज़िंदगी रिटर्न्स’ ने अब नया आशियाना बनाने का बीड़ा उठाया है। सोमवार को नाहन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संस्था ने समाज के लोगों से इस मुहिम में सहयोग की अपील की।
संस्था ने कहा कि बच्ची के साथ जो हुआ, उसका दर्द मिटाना संभव नहीं है, लेकिन उसके परिवार के सिर पर सुरक्षित छत जरूर दी जा सकती है। घर निर्माण में संस्था स्वयं भी आर्थिक सहयोग करेगी, लेकिन समाज के सहयोग से ही यह मुहिम पूरी होगी।
एक ईंट आपकी, एक ईंट हमारी
संस्था ने लोगों से अपील की कि सहयोग राशि छोटी या बड़ी नहीं होती। किसी का ₹500, किसी का ₹1,000 या कोई निर्माण सामग्री—हर सहयोग इस परिवार के नए घर की एक ईंट बन सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कई लोगों ने संस्था से संपर्क कर सहयोग का भरोसा भी दिलाया है।
‘ज़िंदगी रिटर्न्स’ ने मीडिया और आम लोगों से बच्ची की पहचान और निजता की रक्षा करने की अपील भी की है।
आइए, इस परिवार को एहसास दिलाएं कि वे अकेले नहीं हैं।
एक छोटा सा सहयोग करें और मिलकर पांवटा साहिब की बेटी के परिवार का नया आशियाना बसाएं।
क्योंकि घर सिर्फ ईंट-पत्थरों से नहीं बनता…
घर बनता है इंसानियत, सहयोग और उम्मीद से।
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